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मेरी रचनाएं...

मेरे राजदार समर्थक मित्र बनने का शुक्रिया

गुरुवार, 22 दिसंबर 2011

कुछ लाइन...


सच ही कहा है किसी ने कि 


"वक्त के साथ हर कोई बदल जाता है,


गलती उसकी नहीं जो बदलता है,


गलती तो उसकी है जो पहले जैसा रह जाता है"


लेकिन.....


एक बहुत ही खूबसूरत लाइन...


बदलती चीज़े हमेशा 
अच्छी लगती हैं,


पर.....


बदलते लोग नहीं.


So Never Change Your Originality. This is True...
नीलकमल वैष्णव"अनीश"
            कोसीर
09630303010, 07566548800